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Thursday, April 7, 2011

अग्नि पथ



 

SubratoND
हरिवंशराय बच्‍च

अग्नि पथ! अग्नि पथ! अग्नि पथ!

वृक्ष हों भले खड़े, 

हो घने, हो बड़े, 

एक पत्र-छॉंह भी मॉंग मत, मॉंग मत, मॉंग मत! 

अग्नि पथ! अग्नि पथ! अग्नि पथ!

तू न थकेगा कभी! 

तू न थमेगा कभी!

तू न मुड़ेगा कभी!-कर शपथ! कर शपथ! कर शपथ!

यह महान दृश्‍य है- 

चल रहा मनुष्‍य है 

अश्रु-श्‍वेद-रक्‍त से लथपथ, लथपथ, लथपथ! 

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